


विकसित भारत की जरूरतों के अनुरूप महाविद्यालय को तैयार करना लक्ष्य : प्राचार्य
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। मारवाड़ी महाविद्यालय में 86वां स्थापना दिवस समारोह बुधवार को गरिमामय वातावरण में मनाया गया। मुख्य अतिथि परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज रहे। समारोह में तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के अभिषद् सदस्य डॉ. मृत्युंजय सिंह गंगा, डॉ. शंभू दयाल खेतान तथा मारवाड़ी समाज के सज्जन कुमार किशोरपुरिया, राम गोपाल पोद्दार, लक्ष्मी नारायण डोकानिया, अतुल ढाधनिया सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से हुआ। छात्राओं ने राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, विश्वविद्यालय कुलगीत, गणेश वंदना और नृत्य की प्रस्तुति दी। अतिथियों ने संस्थापक की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और परिसर में चंदन व रुद्राक्ष के पौधे लगाए।

प्राचार्य प्रो. (डॉ.) संजय कुमार झा ने कहा कि महाविद्यालय के गौरवपूर्ण इतिहास को आधार बनाकर आने वाले 26 वर्षों में इसे विकसित भारत की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना लक्ष्य है। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास, खेल, अनुसंधान और तकनीकी शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया।
नगर विधायक रोहित पांडे ने कहा कि शिक्षा तभी सार्थक है, जब शिक्षित व्यक्ति समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी बने। उन्होंने स्वयं को महाविद्यालय का पूर्व छात्र बताते हुए इससे जुड़ाव पर गर्व जताया।
मारवाड़ी समिति के राम गोपाल पोद्दार ने महाविद्यालय में नर्सिंग और बीएड पाठ्यक्रम शुरू करने की मांग रखी। वहीं सज्जन कुमार किशोरपुरिया ने महाविद्यालय से संबंधित स्टेडियम वापस दिए जाने की मांग करते हुए उसे आधुनिक खेल सुविधाओं से विकसित करने की योजना बताई।
मुख्य अतिथि परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने संस्थापक की प्रतिमा को मुख्य द्वार की ओर स्थापित करने का सुझाव दिया, ताकि विद्यार्थियों और आगंतुकों को महाविद्यालय की विरासत की जानकारी मिल सके।
समारोह में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. आशुतोष कुमार दत्ता और मंच संचालन डॉ. स्वस्तिका दास ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशुतोष कुमार दत्ता ने किया। समारोह का समापन बिहार गीत की सामूहिक प्रस्तुति के साथ हुआ।

















