
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान पर जताई कड़ी आपत्ति, कहा—राजनीतिक विरोध में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी
पूर्णिया। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं कटिहार के प्रभारी वरिष्ठ कांग्रेस नेता बिजेंद्र यादव ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की ओर से देश के नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति की गई कथित अभद्र टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को अपनी भाषा और मर्यादा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। राहुल गांधी देश के प्रमुख विपक्षी नेताओं में से एक हैं। उनके प्रति अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक शिष्टाचार के विरुद्ध है।

बिजेंद्र यादव ने कहा कि यह बिहार की धरती है, यहां की जनता हर बात पर नजर रखती है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं की भाषा और व्यवहार से अब जनता ऊब चुकी है। जनता महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली और विकास जैसे मुद्दों पर जवाब चाहती है, लेकिन भाजपा के नेता जनसमस्याओं पर बात करने के बजाय विपक्षी नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी करने में अपनी ऊर्जा लगा रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अपने नेताओं की बयानबाजी को सही और विपक्ष की प्रतिक्रिया को गलत बताने की राजनीति नहीं चल सकती।
मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर भाषा की मर्यादा जरूरी
बिजेंद्र यादव ने हिमंत बिस्वा सरमा को नसीहत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। राजनीति में वैचारिक मतभेद और विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन व्यक्तिगत अपमान और अभद्र भाषा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध मुद्दों और विचारधारा के आधार पर होना चाहिए। संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं से समाज और देश के लोग मर्यादित आचरण की अपेक्षा रखते हैं। सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों के नेताओं की जिम्मेदारी है।
बयानबाजी से कांग्रेस की आवाज नहीं दबेगी

कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास संघर्ष, साहस और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का इतिहास रहा है। पार्टी के कार्यकर्ता इस तरह की बयानबाजी से डरने वाले नहीं हैं। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता हर अनुचित टिप्पणी का जवाब लोकतांत्रिक, राजनीतिक और वैचारिक तरीके से देना जानते हैं।
बिजेंद्र यादव ने अंत में कहा कि भाजपा नेताओं को यह गलतफहमी नहीं पालनी चाहिए कि अनर्गल बयानबाजी के माध्यम से कांग्रेस की आवाज को दबाया जा सकता है। कांग्रेस जनहित के मुद्दों और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।















