
@ ‘लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के तहत निकाला मार्च, पुतला दहन कर जताया विरोध।
भागलपुर । ‘लोकतंत्र बचाओ – देश बचाओ’ अभियान के तहत बुधवार को बिहपुर में महागठबंधन के घटक दलों ने SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस स्वराज आश्रम से शुरू हुआ मार्च थाना बिहपुर रेलवे स्टेशन होते हुए प्रखंड कार्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंचा। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन किया गया।

प्रदर्शन में बिहपुर विधानसभा की पूर्व महागठबंधन प्रत्याशी अर्पणा कुमारी भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या दल के खिलाफ नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और पात्र नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने SIR में पुराने पारिवारिक एवं पूर्वजों के रिकॉर्ड को मतदाता पात्रता से जोड़ने पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी पात्र नागरिक का मताधिकार ऐसे रिकॉर्ड के आधार पर प्रभावित नहीं होना चाहिए।
राजद नेता कॉमरेड निरंजन चौधरी ने कहा कि 61 हजार मतदाताओं का जनादेश भी सम्मान के योग्य है। उन्होंने किसी महिला प्रत्याशी अथवा मतदाता के लिए कथित अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल को लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया।उन्होंने विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर-नवगछिया आवागमन में जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा भी उठाया और सरकार से पर्याप्त एवं निःशुल्क यात्री जहाजों की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की।
महागठबंधन नेताओं ने बिहार और पश्चिम बंगाल में SIR से प्रभावित मतदाता सूची की स्वतंत्र पुनःजांच, छूटे पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने तथा दोनों राज्यों में पुनः चुनाव कराने की मांग की।

कार्यक्रम में कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष इबरार आलम, राजद जिला अध्यक्ष अलख निरंजन पासवान, राजद प्रखंड अध्यक्ष किशोर सिंह यादव, सुधीर यादव, विजय कुमार, पंकज कुमार सिंह, गौतम कुमार, जिला परिषद सदस्य मोइन राइन समेत महागठबंधन के विभिन्न घटक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।















