
‘वन है तो हम हैं’ और ‘हरियाली बचाओ-जीवन बचाओ’ जैसे संदेशों से सजे चित्रों ने मोहा मन, छह छात्राओं को किया गया पुरस्कृत
भागलपुर । वन्यजीव सप्ताह 2026 के तहत भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मंगलवार को कहलगांव वन प्रक्षेत्र के तत्वावधान में गणपत सिंह उच्च विद्यालय, कहलगांव में स्कूली बच्चों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में वन, वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से वन्यजीव सप्ताह का आयोजन 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। इसके तहत विद्यालयों एवं अन्य स्थानों पर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और आम लोगों को वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
चित्रों के माध्यम से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
गणपत सिंह उच्च विद्यालय में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। बच्चों ने ‘हरियाली बचाओ-जीवन बचाओ’, ‘वन है तो हम हैं’ और डॉल्फिन सहित पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चित्र बनाए।
बच्चों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रकृति, वन्यजीव और पर्यावरण के महत्व को दर्शाया। प्रतियोगिता में बनाए गए चित्रों में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बचाने और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देखने को मिला। बच्चों की चित्रकारी और उनके द्वारा दिए गए संदेशों ने मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
इस अवसर पर कहलगांव के वन प्रक्षेत्र पदाधिकारी कंपनी कुमार, उप वन परिसर पदाधिकारी मुकेश कुमार सहनी, उप वन परिसर पदाधिकारी आलोक राज सहित वन विभाग के कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बच्चे भविष्य के पर्यावरण प्रहरी हैं। यदि बच्चों में शुरुआती उम्र से ही प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाए तो आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि वन विभाग की ओर से विद्यालयों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के साथ जैव विविधता का संरक्षण किया जा सके।
विद्यालय प्रबंधन ने वन विभाग की पहल को सराहा

विद्यालय के प्रधानाध्यापक विमल प्रकाश मंडल, एनसीसी अधिकारी मोहम्मद आरिफ हुसैन तथा शिक्षक देवानंद सिंह एवं संजय कुमार ने वन विभाग की इस पहल की सराहना की।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। चित्रकला जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है और उनमें प्रकृति के प्रति लगाव भी बढ़ता है।
छह छात्राओं को मिला पुरस्कार
चित्रकला प्रतियोगिता के बाद निर्णायक मंडल ने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्रों का मूल्यांकन किया। चित्रों की रचनात्मकता, विषय की प्रस्तुति और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश को ध्यान में रखते हुए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए दो-दो प्रतिभागियों का चयन किया गया।
प्रथम स्थान के लिए उमा कुमारी और अनन्या शर्मा का चयन किया गया। द्वितीय स्थान आर्या भारती एवं नवनिधि कुमारी ने प्राप्त किया, जबकि तृतीय स्थान नैंसी राज एवं ओणम भारती ने हासिल किया। वन विभाग की ओर से सभी चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने आसपास अधिक से अधिक लोगों को प्रकृति एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
वन्यजीव सप्ताह के तहत आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों ने चित्रों के जरिए यह संदेश दिया कि वन, वन्यजीव और पर्यावरण की रक्षा करना मानव जीवन के लिए भी आवश्यक है।















