
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। वन्यप्राणी सप्ताह-2026 के तहत भागलपुर वन प्रमंडल की ओर से मंगलवार को सुंदरवन परिसर में बर्ड वॉचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 7 से 9 बजे तक चले कार्यक्रम में सुंदरवती महिला महाविद्यालय, मारवाड़ी महाविद्यालय सहित अन्य संस्थानों के जंतु विज्ञान के छात्र-छात्राओं और पक्षी प्रेमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने सुंदरवन परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और उनकी पहचान, व्यवहार तथा आवास से जुड़ी जानकारी हासिल की। पक्षियों की पहचान के लिए Merlin Bird ID और eBird जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल के साथ कैमरा एवं अन्य उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी भी दी गई।

वन विभाग के अधिकारियों ने भागलपुर में प्रवासी पक्षियों के अध्ययन और संरक्षण के लिए किए जा रहे वैज्ञानिक कार्यों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। बर्ड रिंगिंग एवं मॉनिटरिंग सेंटर के माध्यम से प्रवासी पक्षियों पर रिंग और सैटेलाइट टैग लगाने तथा उनके प्रवास मार्गों का अध्ययन करने की प्रक्रिया समझाई गई। इससे पक्षियों के व्यवहार, प्रवास और आवास में होने वाले बदलावों की निगरानी में मदद मिलती है।
कार्यक्रम में Bioacoustics के माध्यम से पक्षियों की आवाजों की रिकॉर्डिंग और विश्लेषण की तकनीक भी बताई गई। विद्यार्थियों को पक्षी गणना और दीर्घकालिक मॉनिटरिंग की विभिन्न विधियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि इनके जरिए जलवायु परिवर्तन के कारण पक्षियों के व्यवहार, प्रवास के समय, संख्या और ध्वनियों में होने वाले बदलावों का अध्ययन किया जा सकता है।
भागलपुर वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि बर्ड वॉचिंग प्रकृति को समझने का वैज्ञानिक माध्यम है। पक्षियों की पहचान के लिए उनकी आवाज, रंग, आकार, चोंच, पंखों के पैटर्न और व्यवहार का सूक्ष्म अवलोकन करना पड़ता है। उन्होंने जंतु विज्ञान के विद्यार्थियों को पक्षी एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े शोध के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, भागलपुर कुमार गौतम, डॉ. आरती वर्मा, जूलॉजी विभाग, मारवाड़ी महाविद्यालय, डॉ. किरण कुमारी, जूलॉजी विभाग, भागलपुर नेशनल कॉलेज सहित वनकर्मी एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।















