


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन–तिलहन के तहत जिले में तिलहन के संग्रहण, प्रसंस्करण और तेल उत्पादन की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। नई इकाइयों की स्थापना और मौजूदा इकाइयों के उन्नयन के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।
योजना के तहत FPO, सहकारी समितियां, सरकारी व निजी इकाइयां और पंजीकृत स्टार्ट-अप आवेदन कर सकेंगे। प्रस्तावों का मूल्यांकन पात्रता, तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता और स्थानीय किसानों से जुड़ाव के आधार पर किया जाएगा।
प्रतिदिन 10 टन तिलहन प्रसंस्करण व तेल उत्पादन क्षमता वाली इकाई के लिए पात्र मशीनरी एवं उपकरणों की लागत का 33 प्रतिशत, अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी। कम क्षमता वाली इकाइयों को निर्धारित अनुपात में सहायता दी जाएगी। बीज सफाई, तेल निकालने और छानने जैसी मशीनरी BIS या समकक्ष मानकों के अनुरूप होनी चाहिए।

भूमि, भवन और शेड निर्माण पर अनुदान नहीं मिलेगा। मशीनरी की स्थापना और सत्यापन के बाद राशि लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में दी जाएगी। परियोजना की प्रगति का विवरण हर तीन माह में देना होगा और स्थापित परिसंपत्तियों का कम-से-कम पांच साल तक रखरखाव अनिवार्य होगा।

















