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विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए नवाचार और उद्यमिता पर आधारित अभिनव विचार, एग्री-रिन्यूवर्स और मेडिटैग टीम ने हासिल किया प्रथम स्थान

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पूर्णिया। विद्या विहार आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों की नवाचार क्षमता, रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता के फाइनल राउंड का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय के ई-सेल द्वारा ई-सेल, आईआईटी बॉम्बे के तत्वावधान में आयोजित एनईसी जूनियर 2026 के अंतर्गत इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने वास्तविक जीवन से जुड़ी विभिन्न समस्याओं की पहचान कर उनके व्यावहारिक एवं उपयोगी समाधान पर आधारित अपने स्टार्ट-अप विचार प्रस्तुत किए।

प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, रचनात्मक सोच, समस्या समाधान की क्षमता, नेतृत्व, टीम भावना, प्रभावी संवाद, बाजार की समझ तथा उद्यमिता की भावना विकसित करना था। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को व्यावहारिक एवं उपयोगी व्यावसायिक अवधारणाओं में बदलने का अवसर मिला।

फाइनल राउंड में कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 की दो श्रेणियों से चयनित कुल दस टीमों ने निर्णायक मंडल के समक्ष अपने स्टार्ट-अप विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपने-अपने स्टार्ट-अप की आवश्यकता, समाधान, लक्षित उपयोगकर्ता, विशिष्टता, कार्यान्वयन की प्रक्रिया, संभावित प्रभाव तथा भविष्य में व्यावसायिक विस्तार की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम की शुरुआत परिचयात्मक संबोधन के साथ हुई। विद्यार्थियों को एनईसी जूनियर 2026 के माध्यम से मिलने वाले अवसरों तथा स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता के उद्देश्य की जानकारी दी गई। उन्हें अपने आसपास मौजूद वास्तविक समस्याओं को पहचानकर उनके लिए नवीन, व्यावहारिक और टिकाऊ समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। इसके बाद ई-सेल, विद्या विहार आवासीय विद्यालय के समन्वयक ज्ञान कर्ण ने निर्णायक मंडल के सदस्यों का औपचारिक परिचय कराया।

प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में विद्यालय के सचिव राजेश मिश्रा, प्राचार्य निखिल रंजन, रीता मिश्रा, विवेक राय, वासिक मुस्तफा एवं श्रेष्ठ मल्लिक शामिल रहे। निर्णायकों ने सभी टीमों की प्रस्तुतियों का बारीकी से मूल्यांकन किया। विद्यार्थियों से उनके विचारों की व्यवहारिकता, उपयोगिता, नवीनता, बाजार की संभावनाओं, सामाजिक प्रभाव, स्थायित्व और भविष्य में विस्तार की क्षमता से जुड़े प्रश्न पूछे गए। विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए और अपने विचारों की गहरी समझ का परिचय दिया।

मेडिटैग टीम ने कक्षा 6 से 8 वर्ग में मारी बाजी

कक्षा 6 से 8 वर्ग में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता और उद्यमशील सोच का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस वर्ग में मेडिटैग टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। टीम में अर्णव राज, शिवम कुमार, प्रत्यूष कुमार एवं शफकत अमन रज़ा शामिल रहे। टीम ने अपने अभिनव स्टार्ट-अप विचार को आत्मविश्वास और स्पष्टता के साथ निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत किया।

इस वर्ग में वेंडेेरा-वेंडिंग मशीन टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। टीम में यश कुमार सौरभ, अंश राज एवं आदर्श जिंदल शामिल रहे। टीम ने एक व्यावहारिक एवं अभिनव अवधारणा प्रस्तुत करते हुए अपने विचार की उपयोगिता और संभावित अनुप्रयोगों को प्रभावी ढंग से समझाया।

द इंडियन एडिशन टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टीम के सदस्य सोमित ठाकुर एवं आयुष कुमार रहे। दोनों विद्यार्थियों ने उत्साह और रचनात्मकता के साथ अपने विचार को प्रस्तुत किया तथा अपनी उद्यमशील सोच का परिचय दिया।

एग्री-रिन्यूवर्स टीम रही कक्षा 9 से 12 वर्ग में प्रथम

कक्षा 9 से 12 वर्ग में विद्यार्थियों ने कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा, परिवहन एवं शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े उन्नत स्टार्ट-अप विचार प्रस्तुत किए। इस वर्ग में एग्री-रिन्यूवर्स टीम ने प्रथम स्थान हासिल किया। टीम में ऋषि शेखर, आर्यन कुमार सिंह, विवेक कुमार एवं दिव्यांशु राज शामिल रहे। टीम ने कृषि और सतत विकास पर केंद्रित अपने अभिनव विचार से निर्णायक मंडल को प्रभावित किया। प्रस्तुति में समस्या की स्पष्ट पहचान, समाधान की व्यवहारिकता और संभावित सामाजिक प्रभाव को प्रमुखता से रखा गया।

सनराइड एक्स1 टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। टीम में सार्थक रंजन, विक्रम कुमार एवं चयन अग्रवाल शामिल रहे। टीम ने अपने अभिनव दृष्टिकोण, प्रभावशाली प्रस्तुति, आत्मविश्वास और मजबूत टीमवर्क के माध्यम से निर्णायकों के समक्ष अपने विचार को प्रस्तुत किया।

वहीं पानी पाठशाला टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। टीम में आकर्ष केशव, आलेख कुमार एवं शाही निगम शामिल रहे। टीम ने वास्तविक जीवन की चुनौतियों को नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से हल करने की दिशा में अपने विचार को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह

कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक इंजीनियर आर.के. पॉल, प्राचार्य निखिल रंजन, उपप्राचार्य गुरचरण सिंह, उपप्राचार्य गोपाल झा, सुप्रिया मिश्रा, प्रीति पांडेय एवं रीता मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय प्रशासन की मौजूदगी से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और उन्हें नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर-2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. गौरव कुमार मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों और प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें अपने विचारों पर लगातार कार्य करने तथा समाज के लिए उपयोगी और सकारात्मक समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

छोटे विचारों से बड़े बदलाव का संदेश

समापन समारोह में विद्यालय के सचिव राजेश मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नए विचारों पर कार्य करने, चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने और मजबूत उद्यमशील मानसिकता विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक सोच, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास के माध्यम से छोटे विचारों को बड़े बदलाव का आधार बनाया जा सकता है।

प्राचार्य निखिल रंजन ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों, मार्गदर्शकों, आयोजकों एवं ई-सेल टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचारों को और अधिक व्यावहारिक, प्रभावशाली एवं उपयोगी बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दिए और भविष्य में भी ऐसे नवाचार आधारित कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और समर्पण की सराहना की गई। विजेता टीमों को उनकी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों के लिए बधाई दी गई, जबकि अन्य प्रतिभागियों को भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया गया।

स्टार्ट-अप पिच प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि किसी विचार को केवल एक परियोजना तक सीमित न रखकर उसे वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान के रूप में किस प्रकार विकसित किया जा सकता है। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी रचनात्मक क्षमता, समस्या को समझने की योग्यता, टीमवर्क और भविष्य के प्रति सकारात्मक सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

विद्यालय के ई-सेल की पूरी टीम के समन्वय और प्रयासों से प्रतियोगिता का फाइनल राउंड सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विद्यालय प्रशासन ने सभी निर्णायकों, अतिथियों, शिक्षकों, मार्गदर्शकों, प्रतिभागी विद्यार्थियों और ई-सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। एनईसी जूनियर 2026 के माध्यम से विद्यार्थियों को नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में मंच प्रदान करने के लिए ई-सेल, आईआईटी बॉम्बे के प्रति भी आभार जताया गया।

विद्या विहार आवासीय विद्यालय में आयोजित यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और उद्यमिता की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी वातावरण में हुआ।

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