


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। विश्व नदी दिवस पर सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था जनप्रिय भागलपुर की ओर से विश्वविद्यालय बाल निकेतन में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच ‘नदी को अविरल बहने दो’ विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने की और संचालन गौतम कुमार ने किया।
जयंत जलद ने कहा कि नदियां जीवन, आजीविका और पर्यावरण का आधार हैं। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में हस्तक्षेप का सबसे अधिक असर नदी किनारे रहने वाले गरीब समुदायों पर पड़ता है। उन्होंने बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जलग्रहण क्षेत्र और किनारों के संरक्षण पर जोर दिया।

संजय कुमार सिंह ने कहा कि नदी संरक्षण को सरकारी योजना के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में भी देखना होगा। गौतम कुमार ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के अनुभव और सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए।
सागर महतो और सुदर्शन महतो ने अतिक्रमण, प्रदूषण और अनियोजित हस्तक्षेप से नदियों को बचाने के लिए जनभागीदारी की जरूरत बताई। कार्यक्रम में सीताराम तांती, कपिलदेव महतो, निर्मला देवी, कैलाश महतो, संतोष कुमार, राधा देवी, मधु महतो, शत्रुघन कुमार, रामशरण मंडल व रवि कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

















