


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। कोतवाली (विश्वविद्यालय) थाना कांड संख्या 55/2009 से जुड़े मामले में बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री के समतुल्य दर्जा प्राप्त डॉ. चक्रपाणि हिमांशु को न्यायालय ने बरी कर दिया।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वितीय, भागलपुर राजेश रंजन की अदालत ने 23 सितंबर 2026 को मामले में फैसला सुनाया। जीआर संख्या 350/09 से संबंधित इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 149, 379 और 341 के तहत आरोप थे।

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने डॉ. चक्रपाणि हिमांशु को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया।
बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार जीतू ने पक्ष रखा।
फैसले के बाद सरवर इमाम, गौतम बनर्जी, डॉ. अमर साह, विश्वजीत कुशवाहा, प्रकाश सिंह कुशवाहा, मोहम्मद नूर अहसन फरीदी, रविंद्र दास, गोपाल यादव, प्रीतम कुमार, अंकित कुमार और पंकज कुमार पंकज समेत अन्य लोगों ने न्यायालय के फैसले के प्रति आभार व्यक्त किया।

















