


रंगरा पंचायत के कई वार्डों के प्रभावित परिवारों ने निष्पक्ष जांच कर राहत राशि देने की मांग की, कार्रवाई नहीं होने पर धरना की चेतावनी
नवगछिया। रंगरा प्रखंड की रंगरा पंचायत में कलबलिया नदी के किनारे धोबिनिया बांध टूटने के बाद कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश करने के बावजूद प्रभावित परिवारों को अब तक सरकार की ओर से मिलने वाली जीआर (ग्रेच्युटस रिलीफ) राशि नहीं मिलने का मामला सामने आया है। बुधवार को बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अंचल अधिकारी को आवेदन देकर वास्तविक प्रभावित परिवारों की निष्पक्ष जांच कराने और उन्हें नियमानुसार राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की।

ग्रामीणों का कहना है कि धोबिनिया बांध टूटने के बाद पंचायत के कई वार्डों में बाढ़ का पानी पहुंच गया था। कई परिवारों के घरों में पानी प्रवेश करने से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। इसके बावजूद अब तक प्रभावित परिवारों को जीआर राशि नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
मंत्री और अधिकारियों ने किया था प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण
ग्रामीणों के अनुसार, बांध टूटने की सूचना के बाद पथ निर्माण मंत्री शैलेंद्र कुमार सहित कई अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया था। भागलपुर की जिलाधिकारी ने भी दो बार क्षेत्र का जायजा लिया था। इसके अलावा अनुमंडल पदाधिकारी कई दिनों तक क्षेत्र में कैंप कर बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि बांध टूटने और कटाव की स्थिति को नियंत्रित करने तथा आसपास के इलाके को बचाने के लिए प्रशासन की ओर से लाखों रुपये खर्च कर बचाव कार्य कराया गया था। पंचायत में प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई भी संचालित की गई थी।
सामुदायिक रसोई और बचाव कार्य का हवाला देकर उठाए सवाल
बाढ़ पीड़ित ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि रंगरा पंचायत में बाढ़ की स्थिति नहीं थी, तो प्रभावित क्षेत्र में सामुदायिक रसोई का संचालन क्यों किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी उस दौरान क्षेत्र का निरीक्षण किया था तथा बचाव कार्य चलाया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड की कई अन्य पंचायतों में बाढ़ प्रभावित परिवारों को जीआर राशि का भुगतान किया जा चुका है, लेकिन रंगरा पंचायत के वास्तविक प्रभावित परिवार अब तक इस सहायता से वंचित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे पंचायत को एक इकाई मानकर स्थिति का आकलन करने के बजाय उन वार्डों और परिवारों की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए, जिनके घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश किया था।

अधिकारी स्वयं करें स्थल निरीक्षण
बाढ़ प्रभावित परिवारों ने अंचल अधिकारी से स्वयं प्रभावित इलाकों का स्थल निरीक्षण करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जांच के दौरान उन परिवारों की पहचान की जाए, जिनके घरों में बाढ़ का पानी पहुंचा था और जिनका जनजीवन प्रभावित हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, कई परिवारों के घरों में पानी प्रवेश करने के वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं। उनका कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर इन वीडियो के माध्यम से भी उस समय की स्थिति की पुष्टि की जा सकती है।
पूरे पंचायत को एक नजर से नहीं देखने की मांग
ग्रामीणों के अनुसार, अंचल अधिकारी की ओर से यह कहा गया कि रंगरा के लोग बाढ़ में नहीं डूबे हैं। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि उनका दावा पूरे रंगरा पंचायत के बाढ़ प्रभावित होने का नहीं है। उनका कहना है कि पंचायत के कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों के अंदर तक प्रवेश किया था।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी स्थिति में पूरे पंचायत को एक ही नजर से देखने के बजाय वास्तविक रूप से प्रभावित परिवारों का स्थल निरीक्षण किया जाना चाहिए और नियमानुसार पात्र परिवारों को राहत राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
महिलाओं ने कहा- हर साल राहत राशि नहीं, बांध का स्थायी समाधान चाहिए
बाढ़ प्रभावित महिलाओं ने कहा कि उन्हें हर साल जीआर राशि नहीं चाहिए। उनकी मांग है कि सरकार धोबिनिया बांध की समस्या का स्थायी समाधान करे, ताकि भविष्य में कलबलिया नदी का पानी घरों में प्रवेश न करे। ग्रामीणों का कहना है कि बांध का स्थायी समाधान होने से लोगों को हर वर्ष बाढ़ की समस्या से राहत मिलेगी और सरकार को भी बार-बार राहत एवं बचाव कार्य पर राशि खर्च नहीं करनी पड़ेगी।
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना की चेतावनी
ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी से जल्द से जल्द वास्तविक बाढ़ प्रभावित परिवारों की जांच कर उन्हें नियमानुसार जीआर राशि उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रभावित परिवारों की स्थिति का निष्पक्ष आकलन कर पात्र लोगों को राहत मिलनी चाहिए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई और वास्तविक प्रभावित परिवारों को राहत राशि उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे प्रखंड मुख्यालय में धरना देने के लिए मजबूर होंगे।
















