


भाषण प्रतियोगिता में अव्वल विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
पूर्णिया। आकाशवाणी रोड स्थित सहयोग प्रांगण में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने दोनों महान विभूतियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रोत्साहित करने तथा महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन और विचारों से परिचित कराने के उद्देश्य से भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन, संघर्ष, आदर्शों और देश के प्रति उनके योगदान पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

भाषण प्रतियोगिता में राजा कुमार ने प्रथम, दीपाली पांडे ने द्वितीय तथा मनोज ऋषि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने विजेता विद्यार्थियों को लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. अजीत प्रसाद सिंह ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गांधी जयंती प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर को पूरे देश में मनाई जाती है। इसी दिन वर्ष 1869 में गुजरात के पोरबंदर में मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म हुआ था। गांधी जी को लोग स्नेहपूर्वक बापू के नाम से भी संबोधित करते हैं।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने अपना जीवन सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को समर्पित किया। भारत को अंग्रेजी शासन से स्वतंत्र कराने के लिए उन्होंने कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का नेतृत्व किया। असहयोग आंदोलन, नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।

डॉ. सिंह ने कहा कि गांधी जी सादगी, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग और आत्मनिर्भरता के प्रबल समर्थक थे। उनके सत्य और अहिंसा के विचारों को सम्मान देते हुए संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। गांधी जयंती का अवसर हमें सत्य, शांति, भाईचारे और स्वच्छता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
लाल बहादुर शास्त्री को याद करते हुए उन्होंने कहा कि शास्त्री जी ने अपनी सादगी, ईमानदारी, दृढ़ इच्छाशक्ति और उच्च नैतिक मूल्यों से देश के सार्वजनिक जीवन में आदर्श स्थापित किया। उनके द्वारा दिया गया ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देश के सैनिकों और किसानों के महत्व को रेखांकित करता है।
उन्होंने बताया कि लाल बहादुर शास्त्री का जन्म 2 अक्टूबर 1904 को मुगलसराय, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे भारत के दूसरे प्रधानमंत्री बने और अपने सरल जीवन एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए सदैव याद किए जाते हैं।
कार्यक्रम में सहयोग की वरिष्ठ सदस्य डॉ. के.के. चौधरी, राजा कुमार सिंह, मणिगिरी गोस्वामी, राजेश गोस्वामी, प्रीतम, आस्था, सतीश एवं संजीवनी सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन से प्रेरणा लेकर देशहित एवं समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।
















