


प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। बिहार में गंगा समेत प्रमुख नदियों के जलस्तर में शुक्रवार को कई स्थानों पर उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष, जल संसाधन विभाग, पटना की ओर से 2 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर और कहलगांव में गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में बढ़ा है। हालांकि, दोनों स्थानों पर नदी का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है। बिहार के कई हिस्सों में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पटना, भागलपुर और कहलगांव के तटीय इलाकों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

भागलपुर में गंगा का जलस्तर शुक्रवार दोपहर 33.46 मीटर दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 33.19 मीटर था। इस तरह 24 घंटे में 0.27 मीटर यानी 27 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। यहां गंगा का खतरे का स्तर 33.68 मीटर निर्धारित है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से 0.22 मीटर नीचे है।
इसी तरह कहलगांव में गंगा का जलस्तर 31.63 मीटर दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को यह 31.21 मीटर था। पिछले 24 घंटे में यहां 0.42 मीटर यानी 42 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। कहलगांव में गंगा का खतरे का स्तर 31.09 मीटर है। रिपोर्ट के अनुसार यहां नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 0.54 मीटर ऊपर पहुंच गया है।
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर और कहलगांव दोनों जगह गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर कहलगांव में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ाने की जरूरत है।
राज्य के अन्य गंगा घाटों की स्थिति देखें तो मुंगेर में जलस्तर 39.03 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.30 मीटर नीचे है। वहीं हाथीदह में जलस्तर 42.66 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.90 मीटर नीचे है। दिघाघाट में गंगा 0.32 मीटर और गांधीघाट में 1.09 मीटर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज की गई।

















