


भागलपुर। विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्निर्माण के मद्देनजर आम लोगों की सुविधा और आवागमन को सुचारू बनाए रखने के लिए शुरू की गई वैकल्पिक फेरी सेवा के परिचालन को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन के अनुसार, वैकल्पिक फेरी सेवा के पहले दिन यात्रियों और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए परिचालन समय में

आवश्यकतानुसार कुछ लचीलापन रखा गया। पहले दिन के अनुभव और प्राप्त फीडबैक के बाद अब 2 अक्टूबर से तीनों निर्धारित घाटों पर शाम 5:30 बजे के बाद नाव, फेरी और कार्गो का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
5:30 बजे तक घाट क्षेत्र में प्रवेश जरूरी:
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शाम 5:30 बजे तक संबंधित घाट या फेरी क्षेत्र में प्रवेश कर चुके यात्रियों और वाहनों को उसी दिन आवागमन की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद नए यात्रियों या वाहनों को घाट अथवा फेरी क्षेत्र में प्रवेश कराकर नाव, फेरी या कार्गो के माध्यम से आवागमन की अनुमति नहीं होगी।
निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में नाव, फेरी अथवा कार्गो का परिचालन नहीं किया जाएगा। समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए तीनों घाटों पर जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी निगरानी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को भी इस संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
समय का ध्यान रखकर यात्रा की अपील:
जिला प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार ही तय करें। खासकर दूर-दराज से आने वाले यात्रियों, वाहन चालकों और मालवाहक वाहनों के संचालकों से कहा गया है कि वे अपनी यात्रा इस प्रकार निर्धारित करें कि शाम 5:30 बजे तक संबंधित घाट/फेरी क्षेत्र में प्रवेश कर सकें। प्रशासन ने साफ किया है कि शाम 5:30 बजे के बाद तीनों घाटों से नाव, फेरी और कार्गो का परिचालन हर परिस्थिति में बंद रहेगा। इसलिए निर्धारित समय के बाद घाट पहुंचने पर फेरी सेवा मिलने की उम्मीद न रखें।
जिला प्रशासन ने आमजनों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि निर्धारित समय-सीमा का पालन होने से वैकल्पिक फेरी सेवा का संचालन सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।
















