
प्रदीप विद्रोही
भागलपुर। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बाइक का नंबर कथित रूप से दूसरे वाहन पर इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया है। कहलगांव निवासी बाइक मालिक गौरव कुमार ने संबंधित पुलिस अधिकारी को आवेदन देकर मामले की जांच, गलत चालान रद्द करने और भविष्य में इस नंबर के दुरुपयोग से होने वाली किसी घटना के लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराए जाने की मांग की है।
गौरव कुमार के अनुसार, उनके बाइक के पंजीकरण नंबर का इस्तेमाल किसी अन्य वाहन पर किए जाने की जानकारी उन्हें तब मिली, जब वरन (राजस्थान) से उनके मोबाइल पर चालान की प्रति पहुंची। इसमें ओवरस्पीडिंग के आरोप में एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उनका कहना है कि उनकी बाइक पिछले करीब आठ माह से कहलगांव स्थित घर पर खराब अवस्था में खड़ी है।

राजस्थान के वरन से आया चालान:
उपलब्ध चालान नोटिस Office of the Superintendent of Police, Baran के नाम से जारी है। नोटिस में वाहन नंबर GJ15DK9042 दर्ज है और वाहन की श्रेणी M-Cycle/Scooter (2WN) बताई गई है। नोटिस के अनुसार कथित यातायात उल्लंघन 4 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:09:22 बजे दर्ज किया गया। इसमें अधिक गति से वाहन चलाने के आरोप में 1,000 रुपये का जुर्माना अंकित है।नोटिस में मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 133 के तहत वाहन चालक से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। निर्धारित अवधि में जानकारी नहीं देने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

बाइक घर में खराब, फिर भी आया चालान:

गौरव कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि उनकी बाइक पिछले आठ माह से उनके कहलगांव स्थित घर पर खराब पड़ी है। ऐसे में राजस्थान में उक्त नंबर से ओवरस्पीडिंग का चालान कटना उन्हें नंबर प्लेट के कथित दुरुपयोग का मामला प्रतीत होता है।उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की तकनीकी और दस्तावेजी जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चालान में दर्ज वाहन कौन-सा है और उस पर उनके बाइक का नंबर कैसे इस्तेमाल हुआ।
गलत चालान रद्द करने की मांग:
गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों से चालान की जांच कर उसे रद्द करने तथा नंबर का दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई है कि यदि इसी नंबर का इस्तेमाल कर कोई व्यक्ति किसी आपराधिक या अन्य गैरकानूनी गतिविधि को अंजाम देता है तो उसका असर उनके ऊपर पड़ सकता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपने वाहन के नंबर के कथित दुरुपयोग को रिकॉर्ड में दर्ज करने और मामले की जांच कर वास्तविक वाहन की पहचान करने का अनुरोध किया है।
















